
समीक्षा
सामाजिक कौशल में सुधार के लिए यह मेरे द्वारा पढ़ी गई सबसे अच्छी पुस्तकों में से एक है, यह जोड़-तोड़ (manipulative) वाले पक्ष पर नहीं है बल्कि यह सिखाती है कि अपने विचारों को इस तरह से कैसे व्यक्त किया जाए कि सामने वाले व्यक्ति को बुरा न लगे।
पुस्तक का मुख्य विचार यह है कि “जीवन में सफलता काफी हद तक इस बात से निर्धारित होती है कि आप लोगों के साथ कितने अच्छे से व्यवहार करते हैं।” लेखक का तर्क है कि प्रभाव डालना हेरफेर या प्रभुत्व के बारे में नहीं है, बल्कि दूसरों में वास्तविक रुचि, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और लोगों को मूल्यवान एवं समझा हुआ महसूस कराने के बारे में है।
यह पुस्तक जो विचार सिखाती है वह यह है कि यदि आप चाहते हैं कि सामने वाला व्यक्ति आपको समझे, तो आपको पहले उन्हें समझना होगा और उन्हें यह महसूस कराना होगा कि उनकी बात सुनी गई और उन्हें महत्व दिया गया। केवल यह सोचकर उनके विचार की निंदा न करें कि आपका विचार बेहतर है, बल्कि खुद को उनकी जगह पर रखकर देखने की कोशिश करें।